Love Shayari

जरूरी नहीं है इश्क में बाँहों के सहारे ही मिले,
किसी को जी भर के महसूस करना भी मोहब्बत है !!

 

हमने पुछा कल रात सपने मे क्यू ना आई….??
वो पैरो की मेहंदी दिखा के हँस पड़ी….❤️❤️❤️

 

मन की ये बेचैनियाँ
शब्दो का ये मौन
आँखो की विरानियाँ
तुम बिन समझे कौन ….. ????

 

अब इन निगाहों को कोई और शख्स नहीं है गवारा
मोहब्बत भी तुमसे है और सजदा भी तुम्हारा…

 

कभी कभी इतनी शिद्दत से तुम्हारी याद आती है,
जब पलकों को मिलाती हूँ तो आँखें भीग जाती हैं !!

 

ना धूप का पता चला, ना ही बरसात का
जब होश आया, मेरे हाथ में तेरे हाथ था

 

??. अल्फाज़ तो जमाने के लिए हैं,
तुम आना..तुम्हे धड़कनें सुनानी है ….!!??

 

यूँ ईश्क भी काम, कोई आसान नहीं,
मोहब्बत भी सिर्फ पाने का नाम नहीं!
मुद्दतें बीत जाती हैं ,इजहारे ईश्क में ,
ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!

 

बहुत नायाब हो तुम जिन्हें हम अपना कहते हैं,
चलो तुमको इज़ाजत है कि तुम अनमोल हो जायो !!

 

उसने कहा लफ्जों में ब्याँ करो महौब्बत ,
हमने कहा दायरों के दरम्यान इश्क नहीं करते हम !!

 

हमें न बताइये मुहब्ब्त की तहज़ीब,
एक उम्र सिर्फ दूर से देखा है तुम्हे ❤️????

 

सुबह सुबह की कोमल ओस
जैसे नाज़ुक भीगे होंठ तेरे
ख़ूबसूरत हैं दोनों इतने
कि होश उड़ा देते हैं मेरे

 

ब बरसा सावन……बूंदों की लड़ी छाई है,
आज दिल मचले वो…….बन बैठें हरजाई है,
लग रही है आग कि..सावन भी न बुझाती है,
मेरे प्यासे नैनो में फिर…बरस रही तन्हाई है

 

फिर तेरी याद, फिर तेरी तलब, फिर तेरी बातें..!!
क्यूँ मेरे दिल को तेरे बिना सुकूँ नहीं आता….!!

 

तुम्हें दिल में लिखूँ या किसी पोस्ट में सवांर दूँ आ बैठ मेरे पास मैं तुझे लफ़्ज़ों में उतार दूँ…!
हक़ीकत में तुम मुझे कभी मिलो या ना मिलो ख़्वाबों में तुम्हें सजा के ख़्यालों में प्यार दूँ…!

 

बारिश से कहो की मेरा महबूब ले आए…
मुझे यूँ अकेले भीगना अच्छा नहीं लगता।

 

हुए बदनाम मगर फिर भी
न सुधर पाए हम… ?
फिर वही शायरी.. ?
फिर वही इश्क… ?
फिर वही तुम…?
? ? ? ? ? ?

 

आँखों में नमी थी विटामिन की कमी थी जिससे
रात भर चेटिंग करते रहे वो गर्लफ्रेंड की मम्मी थी..
????☹️

 

इश्क़ में ऐसा इतिहास_रचाऊंगी
मेरा बाबू_भूखा है तो
मैं उसके हिस्से का खाना भी खाऊँगी..???

 

तुम्हें तलाशती इन आंखों को
मैं क्या जवाब दूं ??
ला जवाब है ये रूह
पागल तेरे बगैर.. ❤️????